प्राप्त रिपोर्ट अनुसार आतंकवादियों के हमले से जूझ रहे सीरिया पर अमेरिका हमले की आशंका से घिरे सीरिया के मामले में सरकार के अस्पष्ट रुख़ पर भाजपा नें गहरी नाराज़गी जताई है। लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा नेता और पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह नें कहा है कि सरकार दुनिया को स्पष्ट शब्दों में कहे कि भारत को पश्चिमी ताक़तें शांति स्थापना की पुलिस के रूप में स्वीकार नहीं है।इस मुद्दे पर देर से प्रतिक्रिया व्यक्त करने और दुनिया के सामने स्पष्ट रुख़ न अपनाने का आरोप लगाते हुए जसवंत सिंह नें सरकार की तीखी आलोचना की। भाजपा नेता नें सीरिया पर हमला करने के अमेरिका के रुख़ का विरोध करते हुए सरकार पर इस पर सख़्त रुख़ अपनाने को भी कहा। शून्य काल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि एशिया के कोरिया से लेकर इराक़, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान के पश्चिमी हिस्से में अमेरिकी हमले के कारण पेशावर को मोरक्को तक का क्षेत्र बर्बाद हो गया है। अब पश्चिमी ताक़तों के निशाने पर सीरिया है। ओबामा सीरिया पर हमले का प्रस्ताव लेकर देश की काँग्रेस में गए हैं जहाँ तक सीरिया की बात है तो यह अरब देशों में बेहद महत्वपूर्ण है। यहाँ ईसाई और इस्लाम धर्म साथ साथ फले फूले हैं। सरकार को चाहिये कि वह दुनिया को बताए कि वह सीरिया में सैन्य कार्यवाई के ख़िलाफ़ हैं।पश्चिमी ताक़तों शांति के नाम पर युद्ध करने और दुनिया भर में शांति स्थापना की पुलिस बनने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। जसवंत सिंह नें कहा कि दुनिया के इस महत्वपूर्ण मसले पर भारत सरकार का रुख़ बेहद ढ़ीला ढ़ाला है यहाँ तक कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री के सीरिया के ख़िलाफ़ सैन्य कार्यवाई पर भारत के प्रधानमंत्री से बातचीत के दावे पर भी सरकार चुप है।
4 सितंबर 2013 - 19:30
समाचार कोड: 459786
आतंकवादियों के हमले से जूझ रहे सीरिया पर अमेरिका हमले की आशंका से घिरे सीरिया के मामले में सरकार के अस्पष्ट रुख़ पर भाजपा नें गहरी नाराज़गी जताई है